जानी मानी अभिनेत्री निर्देशिका विजया मेहता का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार, 30 जून को आवास पर निधन हो गया।
लाइफलाइन टीवी शो में उनके मुख्य सहायक निर्देशक विजय केन्करे ने इसकी पुष्टि की।
मेहता मराठी रंगमंच का एक जाना माना नाम थीं और 80 के दशक में समानांतर सिनेमा में भी उन्होंने अपनी धाक जमाई थी।
4 नवंबर 1934 को विजया जयवंत के रूप में जन्मीं, मेहता ने मुंबई विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन के बाद इब्राहम अलकाजी और अदी मर्ज़बान जैसी शख्सियतों से थिएटर का प्रशिक्षण लिया। बाद में उन्होंने श्रीराम लागू, अरविंद देशपांडे जैसे अभिनेताओं और लेखक विजय तेंदुलकर के साथ मिलकर रंगायन थिएटर ग्रुप की स्थापना की। एक शून्य बाजीगर, बैरिस्टर, हमीदाबाईची कोठी, मदर और शाकुन्तल उनके कुछ चर्चित नाटक थे।
अस्सी के दशक में उन्होंने सिनेमा जगत में अपनी उपस्थिति दर्शाई और राव साहेब (1986) और पेस्टनजी (1988) फिल्में बनाईं। इसके अलावा उन्होंने कलयुग (श्याम बेनेगल) और पार्टी (गोविंद निहलानी) में अभिनय भी किया । उन्हें संगीत नाटक अकादमी सम्मान और कालिदास सम्मान भी मिला और पद्मश्री तथा राव साहेब में अभिनय के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का राष्ट्रीय पुरस्कार भी।
(सिनेमा एक्सप्रेस से साभार)